रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों 'विदेशी फंडिंग' का मुद्दा केंद्र बिंदु बना हुआ है। कांग्रेस ने प्रदेश में बीजेपी पर विदेशी स्रोतों से फंडिंग प्राप्त करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। कांग्रेस का दावा है कि कुछ संगठनों और बीजेपी नेताओं को संदिग्ध विदेशी माध्यमों से राशि प्राप्त हो रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति की पारदर्शिता के लिए बड़ा सवाल है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस के इन तीखे आरोपों पर बीजेपी ने भी मोर्चा संभाल लिया है। बीजेपी के एक प्रमुख विधायक ने कांग्रेस के दावों को पूरी तरह से निराधार और 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया है। बीजेपी विधायक ने करारा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार और आंतरिक कलह को छिपाने के लिए ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी पूरी तरह से पारदर्शी है और कांग्रेस को अपनी सरकारों के दौरान हुए कथित घोटालों और विदेशी चंदे के मामलों पर पहले सफाई देनी चाहिए।
इस बयानबाजी ने छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहाँ कांग्रेस इसे जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की हताशा बताया है। इस मामले ने न केवल राजनीतिक विरोधियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक आक्रामक रूप ले सकता है, जिससे राज्य में बड़े राजनीतिक टकराव के संकेत मिल रहे हैं।








