NV News रायपुर: छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए पिछला वित्तीय वर्ष मील का पत्थर साबित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस दौरान ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य निर्माण के बाद से अब तक के सबसे अधिक विकास कार्यों की मंजूरी प्राप्त की है। सड़कों, पुल-पुलियों और शासकीय भवनों के निर्माण के क्षेत्र में विभाग ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री के कुशल मार्गदर्शन में विभाग ने पेंडिंग फाइलों का तेजी से निपटारा किया और नई परियोजनाओं को धरातल पर उतारा।
हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी
आंकड़ों की दृष्टि से देखें तो यह साल PWD के इतिहास में सबसे 'भारी' रहा है। राज्य शासन ने अधोसंरचना मद के तहत हजारों करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसमें केवल नए मार्गों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि पुराने जर्जर सड़कों के नवीनीकरण और सुदूर वनांचलों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रिकॉर्ड संख्या में पुलों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के आर्थिक विकास की गति तेज होने और व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल गवर्नेंस और समयबद्धता पर रहा जोर
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे विभाग की कार्यप्रणाली में आए बदलाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। ई-पंजीयन, ऑनलाइन टेंडरिंग और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रभावी उपयोग से कार्यों में पारदर्शिता आई है। विभाग ने ठेकेदारों और अधिकारियों के लिए कड़े समयबद्ध लक्ष्य (Deadlines) निर्धारित किए थे, जिससे स्वीकृत कार्यों के कार्यान्वयन में तेजी आई। साथ ही, गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के लिए मोबाइल लैब्स और आधुनिक मशीनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिससे निर्माण कार्यों का स्तर सुधरा है।
भविष्य के छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव
लोक निर्माण विभाग की इन उपलब्धियों ने आगामी वर्षों के लिए एक मजबूत ब्लूप्रिंट तैयार कर दिया है। विभाग का लक्ष्य अब स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना है ताकि जनता को इनका सीधा लाभ मिल सके। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में 'ऑल वेदर रोड्स' और बड़े शहरों में फ्लाईओवर्स के जाल बिछाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का मानना है कि सड़क और भवन निर्माण के क्षेत्र में किया गया यह 'ऐतिहासिक निवेश' प्रदेश को विकास की दौड़ में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेगा।








