Breaking
- Chhattisgarh Tourism Mission: 500 करोड़ की मिशन निधि से पर्यटन को मिलेगा बढ़ा...
- Raipur Water Supply: अशोक नगर-गोगांव में जलसंकट दूर करने की तैयारी, रेलवे क्र...
- CM Helpline News: छत्तीसगढ़ में 2 लाख शिकायतों पर मुख्य सचिव सख्त, भौतिक सत्य...
- Organic Bastar News: दंतेवाड़ा की 930 महिला किसानों को बड़ी उपलब्धि, इमली-महु...
- Homeopathy College Raipur: नवा रायपुर में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी होम...
- Firecracker Seizure: जांजगीर-चांपा में रिहायशी इलाके से 8.56 लाख के पटाखे जब्...
- Tamil Nadu Labour Case: नौकरी का झांसा देकर CG के दो मजदूरों को तमिलनाडु ले ज...
- Medicine Safety Alert: दवा खरीदते समय एक्सपायरी डेट के साथ लाल पट्टी भी देखें...
- Abujhmad Solar Water Project: अबूझमाड़ के 371 गांवों में पेयजल सुविधा का विस्...
- Chhattisgarh Drug Control: नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की तैयारी, मुख्य सचिव...
विद्यार्थियों के लिए सुनहरा मौका: 'विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2026-27' के जरिए ISRO, BARC और DRDO में इंटर्नशिप करने का महा-अवसर; ऐसे लें भाग

नई दिल्ली/रायपुर। विज्ञान और अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। देश के स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें रिसर्च की दुनिया से जोड़ने के लिए 'विद्यार्थी विज्ञान मंथन' (VVM) 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की समृद्ध और गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत से परिचित कराना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों— इसरो (ISRO), बार्क (BARC) और डीआरडीओ (DRDO) में सीधे इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा।

'विद्यार्थी विज्ञान मंथन' एक अनूठी राष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसमें कक्षा छठवीं (6th) से लेकर ग्यारहवीं (11th) तक के छात्र भाग ले सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्तरों पर परीक्षाओं और कड़े कॉपिटिशन के बाद मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्रों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर नकद पुरस्कार और सम्मान से नवाजा जाएगा, बल्कि उन्हें देश के शीर्ष वैज्ञानिकों की देखरेख में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) जैसे संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (Internship) और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को करीब से देखने का लाइफ-चेंजिंग अवसर मिलेगा।
इस राष्ट्रीय ज्ञान अभियान में शामिल होने के लिए छात्र अपने स्कूल के माध्यम से या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर व्यक्तिगत रूप से भी पंजीकरण (Registration) करा सकते हैं। प्रतियोगिता के पाठ्यक्रम में पारंपरिक भारतीय विज्ञान के योगदान से लेकर आधुनिक आविष्कारों तक को शामिल किया गया है। शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की पहल से जमीनी स्तर पर बाल वैज्ञानिकों को अपनी प्रतिभा निखारने का मंच मिलेगा, जो आगे चलकर 'आत्मनिर्भर भारत' के वैज्ञानिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।







