RRT News- दुर्ग। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सुशासन तिहार' (जनसमस्या निवारण शिविर) के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बदसलूकी पर एक और बड़ी गाज गिरी है। दुर्ग जिले के ग्राम थनौद में बीते 29 मई को आयोजित शिविर में हुए हाई-प्रोफाइल विवाद के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश पांडेय को पदीय गरिमा के विपरीत आचरण और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अंजोरा निकुम भाजपा मंडल के महामंत्री पुराण देशमुख के साथ सीईओ रूपेश पांडेय द्वारा किए गए कथित अशिष्ट व्यवहार और तीखी बहस के बाद की गई है। सुशासन तिहार शिविर में आम जनता की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर बीजेपी नेता पुराण देशमुख और जनपद सीईओ के बीच बातचीत हो रही थी, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि अधिकारी रूपेश पांडेय ने मर्यादित आचरण की सीमाएं लांघते हुए जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसकी शिकायत और वीडियो साक्ष्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचे थे।
मामले की संवेदनशीलता और सुशासन के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के त्वरित प्रस्ताव पर संभागीय आयुक्त (कमिश्नर) ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जनता के काम के लिए लगाए जा रहे शिविरों में किसी भी अधिकारी का अहंकार या जनता व जनप्रतिनिधियों के प्रति अमर्यादित व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन की अवधि में रूपेश पांडेय का मुख्यालय जिला पंचायत कार्यालय दुर्ग नियत किया गया है।







