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भीषण गर्मी और जल संकट का डबल अटैक: छत्तीसगढ़ में बढ़ा जॉन्डिस और टायफाइड का खतरा, रहें सावधान!

Chhattisgarh RRT News Desk 25 April 2026

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NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। बढ़ते तापमान के साथ-साथ जल स्रोतों में कमी और दूषित पानी की समस्या ने स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पानी की किल्लत के चलते कई क्षेत्रों में लोग असुरक्षित जल स्रोतों का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। आलम यह है कि अस्पतालों में उन मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो दूषित पानी से होने वाली बीमारियों (Water-borne diseases) की चपेट में हैं।

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डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में जॉन्डिस (पीलिया) और टायफाइड के मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है। भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने की जरूरत होती है, लेकिन दूषित पानी और बाहर के खान-पान के कारण संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है। बच्चे और बुजुर्ग इन बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। यदि समय रहते लक्षणों की पहचान न की जाए और सही उपचार न मिले, तो ये बीमारियां तेजी से गंभीर रूप ले सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीएं, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि पानी शुद्ध और उबालकर ही पिया जाए। बाहर मिलने वाले कटे हुए फल, खुले जूस और बर्फ वाली चीजों के सेवन से पूरी तरह परहेज करें। यदि तेज बुखार, कमजोरी, पेट दर्द या पीलिया जैसे कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस मौसम में थोड़ी सी सावधानी ही आपको अस्पताल के चक्कर काटने से बचा सकती है।

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