RRT News- रायपुर: छत्तीसगढ़ में मई के महीने में मौसम का बेहद अजीब और दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। प्रदेश में एक ओर जहां सुबह होते ही सूरज के तेवर तल्ख हो जाते हैं और लोग भीषण गर्मी व उमस से बेहाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शाम होते ही फिजा बदल रही है। बादलों की आवाजाही के साथ अचानक तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ हो रही बारिश ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन बेमौसम की इस गतिविधि ने आम जनजीवन को हैरत में डाल दिया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल यह सिलसिला थमने वाला नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से अगले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन, अंधड़ (तेज हवाएं) और हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। विशेषकर मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बौछारें पड़ने के आसार जताए गए हैं, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
इस बदलते मौसम ने कृषि और स्वास्थ्य के मोर्चे पर चिंता भी बढ़ा दी है। तेज धूप के तुरंत बाद बारिश होने से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नमी और भीषण गर्मी के कारण बनने वाले 'लोकल सिस्टम' की वजह से शाम के वक्त गरज-चमक की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि अंधड़ और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।







