रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जहाँ एक ओर शहर की बस्तियों और कॉलोनियों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े होटलों में पानी की निर्बाध आपूर्ति पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम अब शहर के लगभग 700 होटलों की 'कुंडली' खंगालने की तैयारी में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरते भूजल स्तर के बावजूद इन होटलों के पास भारी मात्रा में पानी कहाँ से आ रहा है।
निगम की टीम जल्द ही होटलों का औचक निरीक्षण शुरू करेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से लगाए गए बोरिंग और हाई-पॉवर पंपों का पता लगाना है। अधिकारियों को अंदेशा है कि कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना अनुमति के भूजल का दोहन कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। जांच के दौरान यदि किसी होटल में अवैध पंप या बिना मंजूरी के बोरिंग पाई जाती है, तो नगर निगम न केवल भारी जुर्माना लगाएगा, बल्कि तत्काल प्रभाव से पानी का कनेक्शन भी काट देगा।
भीषण गर्मी में जल स्तर नीचे जाने के कारण निगम प्रशासन पानी के अपव्यय को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि संसाधनों पर पहला अधिकार आम नागरिकों का है और किसी भी व्यावसायिक इकाई को नियम विरुद्ध प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के अन्य व्यावसायिक केंद्रों तक भी बढ़ाया जा सकता है।







