RRT News - छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में घने बादल छा गए हैं और ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय मौसम प्रणाली और उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत तक बनी एक द्रोणिका (Trough Line) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में नमी आ रही है। इसके चलते आने वाले दो दिनों तक प्रदेशवासियों को चिलचिलाती धूप से राहत तो मिलेगी, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि मुश्किलें बढ़ा सकती है।
9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और भारी तबाही की आशंका
मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 प्रमुख जिलों, जिनमें सूरजपुर, कोरबा और बिलासपुर शामिल हैं, के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटा तक भी जा सकती है। खुले मैदानों में रहने वाले लोगों और कच्चे मकानों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट और फसलों पर संकट
इस मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। जहाँ एक ओर आम जनता को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। खेतों में कटी रखी फसलों और खलिहानों में मौजूद अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी है।
अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, यह मौसमी बदलाव अगले 24 से 48 घंटों तक सक्रिय रहेगा। राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। अंधड़ और आसमानी बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।








