छुईखदान। छत्तीसगढ़ के छुईखदान क्षेत्र में आज आस्था, उत्साह और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन का, जहाँ 115 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर की सड़कों पर जब एक ही बैंड की धुन पर 115 दूल्हे बारात लेकर निकले, तो पूरा छुईखदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने उमड़ पड़ा।
हजारों की संख्या में पहुंचे बारातियों और परिजनों ने इस आयोजन को किसी बड़े शाही उत्सव में तब्दील कर दिया। बारात में दूल्हों का उत्साह और उनके पीछे चलते हजारों लोगों की भीड़ ने सामाजिक एकजुटता की एक नई मिसाल पेश की। आयोजन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी जोड़ों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
इस सामूहिक विवाह का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना और फिजूलखर्ची को रोकना है। प्रशासन द्वारा नवदंपतियों को गृहस्थी का सामान और उपहार भेंट कर उनके सुखद भविष्य की कामना की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस भव्य आयोजन में शिरकत की और वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
छुईखदान की सड़कों पर निकली इस "महा-बारात" ने न केवल यातायात को कुछ समय के लिए थाम दिया, बल्कि लोगों के चेहरों पर खुशी और कौतूहल भी पैदा कर दिया। शहरवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में पहली बार इतना अनुशासित और भव्य सामूहिक विवाह देखा है, जहाँ संसाधनों का सही उपयोग करते हुए समाज के हर वर्ग को साथ लाया गया।








