छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ के ऐतिहासिक दौरे के दौरान देश और दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिस अबूझमाड़ को कभी केवल संघर्ष और नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, आज वही धरती अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दे रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य बस्तर के हर कोने तक लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करना और आदिवासियों के जीवन में खुशहाली लाना है।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है वनांचल
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की 'नियद नेल्ला नार' (आपका अच्छा गाँव) योजना के माध्यम से अंदरूनी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। अबूझमाड़ के सुदूर गाँवों में अब सड़कें, बिजली, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब विकास पहुँचता है, तो अशांति के लिए कोई जगह नहीं बचती। शासन की योजनाओं ने ग्रामीणों के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा किया है।
लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की मजबूती
श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ के लोगों ने हमेशा से जल-जंगल-जमीन की रक्षा की है और अब वे संवैधानिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। क्षेत्र में सुरक्षा कैंपों की स्थापना केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि विकास के केंद्र (Development Hubs) के रूप में की गई है। इन कैंपों के माध्यम से राशन दुकान, बैंक और स्कूल जैसी सुविधाएं लोगों के घर तक पहुँच रही हैं, जो शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अबूझमाड़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग प्रकृति के रक्षक हैं और उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार आदिवासी संस्कृति को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक को जोड़ रही है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की कि वे विकास की इस यात्रा में सहभागी बनें और एक समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दें।
दुनिया देखेगी बदलता हुआ बस्तर
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर और विशेषकर अबूझमाड़ पर्यटन और जैविक खेती के वैश्विक मानचित्र पर उभरकर सामने आएगा। उन्होंने कहा कि जो शांति का संदेश यहाँ से निकल रहा है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनेगा। साय सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर की शांति के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नक्सलवाद के खात्मे के साथ यहाँ विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।







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