छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में भारतीय वन सेवा (IFS) 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इन युवा अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में मुख्यमंत्री से भेंट की और प्रदेश की भौगोलिक व वन संपदा संबंधी विशिष्टताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी नवागत अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें सेवा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा संपन्न राज्य है, जहाँ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वनों से ढकी है। उन्होंने जोर दिया कि वनों का संरक्षण न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह यहाँ के वनाश्रित समुदायों और जनजातीय परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार भी है। सीएम ने प्रशिक्षु अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपनी पोस्टिंग के दौरान जमीनी स्तर पर जाकर वनों की रक्षा के साथ-साथ आदिवासियों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करें।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए और राज्य सरकार की वन संरक्षण व लघु वनोपज संग्रहण संबंधी नीतियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करें ताकि वनों के विकास और सुरक्षा के बीच एक बेहतर संतुलन बनाया जा सके। इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इन युवा अधिकारियों के आगामी फील्ड प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की।








