छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में आयोजित शिव पुराण कथा के पावन अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भक्तों को संबोधित किया। इस धार्मिक समागम में पहुँचकर उन्होंने महादेव की आराधना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिव पुराण केवल एक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का एक सशक्त संगम है, जो मनुष्य को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिव पुराण की कथाएं हमें त्याग, प्रेम और लोक कल्याण का पाठ पढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव समभाव और करुणा के प्रतीक हैं, जिन्होंने विष पीकर संसार की रक्षा की थी। वर्तमान समय में ऐसी कथाओं के श्रवण से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है। श्री साय ने कथावाचक का आशीर्वाद लिया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
सनातन धर्म की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में समरसता और बंधुत्व की भावना और अधिक मजबूत होती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिव पुराण के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि अध्यात्म और विज्ञान का हमारे जीवन में समान महत्व है, जो हमें मानसिक शांति और जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्रदान करता है।
आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से ही धर्म और अध्यात्म का केंद्र रही है, जहाँ माता कौशल्या का धाम है और भगवान राम का ननिहाल है। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास उनकी प्राथमिकता है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और पर्यटन को बढ़ावा मिले।
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से भगवान शिव के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भक्ति का अर्थ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि मानव सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करना है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक माहौल बनाया, बल्कि शासन और अध्यात्म के बीच एक मजबूत सेतु का भी प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और चारों ओर 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंज उठे।








