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सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री साय पहुंचे 'लखपति दीदी' की किराना दुकान, खुद पैसे चुकाकर खरीदा सामान; आत्मनिर्भरता की कहानी ने जीता दिल

जशपुर- छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' के तहत जनसंपर्क के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का एक बेहद सादगी भरा अंदाज जशपुर के ग्राम चंदागढ़ में देखने को मिला। मुख्यमंत्री अचानक गांव की 'लखपति दीदी' सुमिला कोरवा की किराना दुकान पर जा पहुंचे। सुमिला ने परंपरागत रूप से लौंग-इलायची खिलाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने न केवल सुमिला के संघर्ष और सफलता की कहानी सुनी, बल्कि दुकान से फलाहारी चिवड़ा और पानी खरीदकर खुद अपने पर्स से उसका भुगतान भी किया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुमिला कोरवा की कहानी आत्मनिर्भरता की एक मिसाल है। उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का लोन लेकर इस दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में फ्रिज और फोटोकॉपी मशीन जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं, जिससे पूरे गांव को लाभ मिल रहा है। सुमिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि दुकान के साथ-साथ उनका परिवार अब ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन का भी मालिक है, जिसे वे किराए पर चलाते हैं। उनकी बेटी प्रियंका ने भी अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय सुमिला के जज्बे से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने भविष्य में उनके 'करोड़पति दीदी' बनने की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में महिलाओं का इस तरह सशक्त होना ही प्रदेश के वास्तविक विकास की पहचान है। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री ने "यह आपकी मेहनत का हक है" कहकर भुगतान किया। मुख्यमंत्री की इस सहजता ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और गहरा कर दिया है, जो सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य को सार्थक करता है।







