रायपुर, 15 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर से 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' के तहत संचालित निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग और AR/VR जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी। पहले वर्ष में 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल लैब विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता विकसित करेगी। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह पहल गांव के विद्यार्थियों को भी महानगरों जैसी तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराएगी, जिससे भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार होंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मोबाइल लैब का अवलोकन कर AI, रोबोटिक्स और ड्रोन सहित विभिन्न उपकरणों की जानकारी ली। पाँच प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिन की कार्यशाला आयोजित करेगी तथा प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक भावना बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







