छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने राजधानी रायपुर के निजी अस्पताल पहुँचकर उन बहादुर जवानों से मुलाकात की, जो बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए आईईडी (IED) ब्लास्ट में घायल हो गए थे। उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक जवान के बिस्तर के पास जाकर उनसे बात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस कठिन समय में उनके अदम्य साहस और वीरता की जमकर सराहना की।
बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों को निर्देश
मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रबंधन से जवानों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जवानों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए और उन्हें देश की सबसे बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
परिजनों को दिया ढांढस और भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में मौजूद जवानों के परिजनों से भी चर्चा की। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा प्रदेश और सरकार उनके साथ खड़ी है। परिजनों को आश्वस्त किया गया कि घायल जवानों की देखभाल और भविष्य की जरूरतों के लिए प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे किसी भी बात की चिंता न करें, सरकार उनके हर दुख-सुख में सहभागी है।
नक्सलवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे जवानों का बलिदान और संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि साय सरकार नक्सलवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। माओवादियों की कायराना हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है और अंदरूनी इलाकों में विकास के साथ-साथ सुरक्षा कैंपों का विस्तार कर नक्सलियों को बैकफुट पर धकेला जा रहा है।
जवानों के जज्बे को किया सलाम
गृहमंत्री ने कहा कि आईईडी ब्लास्ट जैसी चुनौतियों के बावजूद हमारे सुरक्षाबलों का मनोबल बहुत ऊँचा है। विषम परिस्थितियों में जंगलों के भीतर जाकर देश की सुरक्षा करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद जवानों के चेहरों पर जो देशप्रेम की चमक है, वह प्रेरणादायी है। सरकार जवानों के कल्याण और सुरक्षा के लिए लगातार नई योजनाएं और तकनीक ला रही है।







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