Breaking
- Balcony Gardening Tips: अपनी बालकनी को बनाएं खूबसूरत 'मिनी बटरफ्लाई गार्डन', ...
- Horoscope Today 28 October 2026: मिथुन और सिंह राशि वालों को नौकरी में तरक्की...
- Utkrisht Krishak Ratn Samman: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- 'किसानों की सम...
- Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन,...
- मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटक...
- Gadchiroli Maoist Plot Foiled: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों की बड़ी...
- Bijapur Tassar Silk Farming: बीजापुर के 13 तसर पालकों को मिली स्वस्थ डिम्ब सम...
- Chhattisgarh Heritage: छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों का गौरवशाली इतिहास अब एक छत क...
- Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया 'छत्तीसगढ़ हर्बल्...
- Housing Board Workshop: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की कार...
धमतरी में 'सफेद सोने' का काला कारोबार: बिना एक्सपायरी और मैन्युफैक्चरिंग डेट के बिक रहे पानी पाउच, सेहत से खिलवाड़

धमतरी। भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही धमतरी जिले में 'सफेद सोने' यानी पानी का अवैध कारोबार चरम पर पहुँच गया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक धड़ल्ले से पानी पाउच की बिक्री हो रही है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बाजार में बिक रहे इन पाउच पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट (निर्माण तिथि) है और न ही एक्सपायरी डेट। नियमों को ताक पर रखकर बेचे जा रहे ये पानी पाउच सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना किसी जांच और गुणवत्ता प्रमाणन के बिक रहा यह पानी बीमारियों का सबब बन सकता है।

स्थानीय स्तर पर सक्रिय पानी माफिया चांदी काटने के चक्कर में खाद्य सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, पानी पाउच के निर्माण के लिए कड़े नियम हैं, जिसमें बैच नंबर और उपयोग की अंतिम तिथि लिखना अनिवार्य है। बावजूद इसके, धमतरी के होटलों, बस स्टैंड और गली-मोहल्लों की दुकानों में बिना तारीख वाले पाउच खपाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की सुस्ती का फायदा उठाकर कारोबारी घटिया स्तर के प्लास्टिक और अशुद्ध पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
इस 'काले कारोबार' के उजागर होने के बाद अब स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। गर्मी के मौसम में पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका सबसे अधिक होती है, ऐसे में दूषित पानी जानलेवा साबित हो सकता है। जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से संचालित हो रहे इन पानी प्लांटों पर तत्काल छापेमारी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, विभाग की चुप्पी ने माफियाओं के हौसले और बुलंद कर दिए हैं।







