डोंगरगढ़: राजनांदगांव जिले में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में 'डायल 112' सेवा में तैनात एक आरक्षक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुलेआम पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना ने आम जनता के बीच पुलिस की छवि को गहरा धक्का पहुँचाया है और खाकी पर लगे भ्रष्टाचार के दाग को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
वीडियो के वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लोग सोशल मीडिया पर जमकर पुलिस की कार्यशैली की आलोचना कर रहे हैं। जिस 'डायल 112' सेवा का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों को त्वरित और निष्पक्ष मदद पहुँचाना है, यदि उसी सेवा के जवान ऐसे संदिग्ध कृत्यों में लिप्त पाए जाएं, तो आम आदमी का भरोसा उठना स्वाभाविक है। यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि वर्दी की आड़ में कुछ जवान अपने पद की मर्यादा और विभाग की गरिमा को किस तरह तार-तार कर रहे हैं।
अब पुलिस प्रशासन के सामने अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती है। स्थानीय नागरिक और जागरूक लोग इस आरक्षक के खिलाफ तत्काल निलंबन और सख्त विभागीय जांच की मांग कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि उच्चाधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई करेंगे, जो विभाग के अन्य जवानों के लिए एक कड़ा सबक बने और पुलिस की जनता के प्रति खोई हुई विश्वसनीयता को पुनः बहाल किया जा सके।








