भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी अंतर्गत एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई है। एक ढोंगी बैगा ने अंधविश्वास का जाल बुनकर एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने न केवल पवित्र मानी जाने वाली परंपराओं का अपमान किया, बल्कि पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर उसका मुंह बंद रखने की कोशिश भी की।
घटना का विवरण: नींबू फेंकने के बहाने रची साजिश
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के परिवार में कुछ परेशानियां चल रही थीं, जिसके समाधान के लिए वे स्थानीय बैगा (तांत्रिक) के संपर्क में आए थे।
नर्सरी ले जाकर वारदात: आरोपी बैगा ने 'तंत्र-मंत्र' की विधि पूरी करने के बहाने लड़की को पास की एक नर्सरी में बुलाया। उसने झांसा दिया कि कुछ "विशेष नींबू" वहां फेंकने से परिवार की बाधाएं दूर हो जाएंगी।
दुष्कर्म और धमकी: सुनसान नर्सरी में ले जाकर आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती की। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसने उसे और उसके परिवार को तंत्र विद्या से जान से मारने की धमकी दी।
ऐसे खुला मामला: घर लौटने के बाद पीड़िता डरी-सहमी रहने लगी। परिजनों द्वारा विश्वास में लिए जाने पर उसने आपबीती सुनाई, जिसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की:
आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी बैगा को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है।
धाराएं: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी अन्य महिला या बच्ची को इसी तरह अपने जाल में फंसाया है।
एक सामाजिक चेतावनी
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास के खतरों को उजागर करती है। पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए झाड़फूंक या तांत्रिकों के चक्कर में न पड़ें। ऐसे ढोंगी लोग अक्सर मजबूरी का फायदा उठाकर जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं।








