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रिश्तेदार ने हड़प ली 23 लाख की रकम और 6.50 एकड़ जमीन, न्याय न मिलने पर वृद्धा ने मांगी इच्छा मृत्यु

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलगहना की रहने वाली एक बेबस बुजुर्ग महिला बालकुंवर बसोर ने न्याय न मिलने से हताश होकर देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु (मरने की अनुमति) मांगी है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उसने अपने जीवनभर की जमा पूंजी और अपनी पैतृक जमीन को वापस पाने के लिए थाने के चक्कर काटने से लेकर आला अधिकारियों तक हर चौखट पर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन लंबी कानूनी लड़ाई और लगातार उपेक्षा के बाद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरी तरह से टूट गईं।

बुजुर्ग पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक बेहद गंभीर और चौकाने वाला आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, उसके एक दूर के रिश्तेदार ने उसके सीधेपन और लाचारी का फायदा उठाकर भारी धोखाधड़ी की। शातिर रिश्तेदार ने छल-कपट और फर्जीवाड़े के जरिए वृद्धा के बैंक खाते में जमा जीवनभर की गाढ़ी कमाई के करीब 23 लाख रुपये पार कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपी की नीयत यहीं नहीं रुकी; उसने जालसाजी का ताना-बाना बुनकर बुजुर्ग महिला की जीविका का एकमात्र साधन यानी उसकी करीब 6.50 एकड़ बेशकीमती जमीन भी चुपके से अपने नाम करवा ली।
इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद जब पीड़िता को इस बात का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की भीख मांगी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जब आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया और न ही महिला की संपत्ति वापस मिल पाई, तो वह गहरे मानसिक अवसाद और तंगहाली के दौर में पहुंच गई। अंततः निराश होकर बुजुर्ग महिला ने देश और राज्य के सर्वोच्च नेतृत्व को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु जैसी दर्दनाक मांग की है। यह मामला सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और क्षेत्र के लोग बुजुर्ग महिला को तुरंत न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।







