खैरागढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और अशुद्ध खान-पान के खिलाफ एक सघन निरीक्षण अभियान छेड़ दिया है। “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत की गई इस अचानक कार्रवाई से अस्पताल कैंटीन संचालकों और किराना दुकानदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में दबिश देकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की, जिसमें कई प्रतिष्ठित दुकानों और संस्थानों में भारी अनियमितताएं पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों और कैंटीन में भारी मात्रा में एक्सपायरी (तय समय सीमा पार) खाद्य सामग्रियां मिलीं, जिन्हें टीम ने तत्काल जब्त कर लिया। इसके साथ ही, साफ-सफाई के मानकों का पालन न करने वाले संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने मौके पर ही खाद्य तेल, मसालों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। विभाग की इस सख्ती को देख कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भागते हुए भी नजर आए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त उत्पादों की ही बिक्री करें और एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और भी तेज किया जाएगा, ताकि जिले के नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।







