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‘बियर’ को मिला नया अवतार: युवा उद्यमी ने सल्फी को बोतलबंद कर दी अंतरराष्ट्रीय पहचान, अब हर मौसम में मिलेगा स्वाद

Chhattisgarh RRT News Desk 07 May 2026

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बस्तर की संस्कृति और परंपराओं में रचे-बसे प्राकृतिक पेय 'सल्फी' को अब एक नई और वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। बस्तर के ही एक होनहार युवा, हर्षवर्धन ने सल्फी के साथ एक ऐसा अनोखा प्रयोग किया है जिसने कृषि और उद्यम के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल दी हैं। अक्सर 'बस्तर की बियर' के नाम से मशहूर सल्फी अब केवल पेड़ों से उतरकर सीधे आपके हाथों तक ही नहीं पहुंचेगी, बल्कि इसे बोतलबंद (Bottling) कर बाजार में उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हर्षवर्धन की इस पहल ने बस्तर के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़कर एक नई मिसाल पेश की है।

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सल्फी के साथ सबसे बड़ी चुनौती इसकी 'शेल्फ लाइफ' (जल्द खराब होना) को लेकर रही है। पेड़ से निकलने के कुछ ही घंटों बाद इसका स्वाद बदलने लगता था, लेकिन हर्षवर्धन ने कड़े शोध और प्रोसेसिंग तकनीक के जरिए इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में सफलता हासिल की है। इस नवाचार का सबसे बड़ा फायदा बस्तर के आदिवासी समाज को होगा, जो पीढ़ियों से सल्फी के पेड़ों का संरक्षण कर रहे हैं। अब उन्हें उनके उत्पाद का न केवल सही मूल्य मिलेगा, बल्कि सल्फी की बर्बादी भी रुकेगी। इस प्रयोग से स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

हर्षवर्धन का यह स्टार्टअप न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश-विदेश के बाजारों तक बस्तर के इस अनूठे स्वाद को पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। शासन और प्रशासन स्तर पर भी ऐसे प्रयोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि बस्तर की वनोपज और पारंपरिक उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके। सल्फी का यह नया अवतार उन पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण होगा जो बस्तर की संस्कृति को करीब से जानना चाहते हैं। निश्चित रूप से, हर्षवर्धन का यह कदम बस्तर के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक 'गेम चेंजर' साबित होगा।

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