महासमुंद जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर स्ट्राइक की है। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गांजे की खेप को सब्जी के खाली कैरेट के पीछे बड़ी चालाकी से छिपाकर रखा था। लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी यह तरकीब फेल हो गई और करोड़ों के माल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की कुल कीमत 1.14 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि नशे की यह बड़ी खेप ओडिशा से लोड की गई थी और इसे तस्करी के जरिए महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के चेक पोस्ट पर जब संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली गई, तो ऊपर रखे खाली कैरेटों को हटाने पर नीचे गांजे के पैकेटों का जखीरा मिला। पुलिस ने तत्काल मादक पदार्थ और परिवहन में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया है।
पकड़े गए दोनों तस्करों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और ओडिशा में इस अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड कौन है। महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे तस्करी के बड़े नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है।






