पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के करीबी और उनके पीए चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या को लेकर देशभर में सियासी उबाल है। इस जघन्य हत्याकांड पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया है। अरुण साव ने स्पष्ट लहजे में कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की 'गुंडागर्दी' को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए अरुण साव ने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और वहां विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना एक भयावह चलन बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के चलते की गई यह हत्या लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ है। साव ने कहा कि "गुंडागर्दी के दम पर सत्ता नहीं चलाई जा सकती" और पश्चिम बंगाल की जनता इस अराजकता का जवाब देगी। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि सच सामने आ सके।
सिर्फ बंगाल ही नहीं, डिप्टी सीएम ने छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था और विपक्ष के आंदोलनों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज सर्वोच्च है और किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को उन्होंने 'राजनीतिक हताशा' करार दिया और कहा कि जनता सरकार की कार्यप्रणाली से संतुष्ट है और विकास के कार्यों में बाधा डालने वालों को जनता खुद नकार देगी।






