Raipur: खून के रिश्तों में भरोसे के कत्ल का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मामा ने जायदाद के लालच में सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने अपने सगे भांजे-भांजियों को उनके अधिकार से वंचित करने के लिए अपने जिंदा जीजा को ही सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। इस बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित बच्चों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति के हस्तांतरण में गड़बड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने मामले की छानबीन शुरू की।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम हालाहुली से रिश्तों में धोखे और कानूनी जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक मामा ने जायदाद के लालच में अपने ही सगे भांजे-भांजियों के साथ गद्दारी की। आरोपी ने अपनी पुश्तैनी जमीन को अकेले हड़पने के चक्कर में अपने जिंदा जीजा को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया और उनके हक की करोड़ों की जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का खेल
आरोपी मामा ने बड़ी चतुराई से प्रशासन को गुमराह करते हुए अपने जीजा के नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाया। इस जाली दस्तावेज का उपयोग कर उसने राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल कराया और पुश्तैनी जमीन व जायदाद को अपने नाम या अन्य सहयोगियों के नाम पर करा लिया। इस पूरी साजिश का मकसद उन बच्चों को बेदखल करना था, जिनका अपनी मां की तरफ से उस संपत्ति पर कानूनी हक बनता था।
पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार
जब बच्चों के पिता, जिन्हें कागजों में 'मृत' दिखाया गया था, खुद सामने आए तो विभाग के भी होश उड़ गए। पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस और जिला प्रशासन से की है। उन्होंने बताया कि किस तरह उनके मामा ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार किए। फिलहाल, पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए सभी नामांतरण रद्द किए जाएं और उनकी संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जाए।
पुलिस की जांच और कानूनी पेंच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी मामा के खिलाफ जालसाजी (IPC 420, 467, 468) और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस उन कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने बिना सत्यापन के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया और राजस्व रिकॉर्ड बदल दिए। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह एक गंभीर अपराध है और इसमें आरोपी को लंबी जेल की सजा हो सकती है।
समाज के लिए एक सबक
यह घटना दर्शाती है कि संपत्ति के लालच में इंसान किस कदर गिर सकता है। ग्रामीणों और जानकारों ने इस मामले के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है कि वे अपने राजस्व और पुश्तैनी रिकॉर्ड्स की समय-समय पर जांच करते रहें। फिलहाल, यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे 'कलयुगी मामा' को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि मिसाल कायम हो सके।








