छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का देवभोग क्षेत्र इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहा है। पिछले 36 घंटों के भीतर इलाके में तीसरी बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है। बार-बार धरती कांपने के कारण लोग अपने घरों के भीतर जाने से डर रहे हैं और रातें खुले आसमान के नीचे बिताने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पड़ोसी राज्य ओडिशा के कालाहांडी में केंद्रित भूकंपीय गतिविधियों का असर सीमावर्ती देवभोग क्षेत्र में बार-बार देखा जा रहा है।
भूकंप के खौफ के बीच कुदरत का एक और कहर आकाशीय बिजली (गाज) के रूप में टूटा। देवभोग क्षेत्र में ही गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक 13 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा उस समय घर के बाहर या खेत के पास था, जब अचानक बिजली उसकी चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
लगातार आ रहे भूकंप के झटकों और वज्रपात की घटनाओं ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मौसम विभाग और भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और भूकंप के झटके महसूस होने पर ऊँची इमारतों या बिजली के खंभों से दूर रहें। प्राकृतिक आपदा की इन बैक-टू-बैक घटनाओं ने सीमावर्ती अंचल में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा कर दी है।








