रायपुर: राज्यपाल की विशेष पहल के तहत उनके 'गोद ग्राम' टेमरी के ग्रामीणों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। ग्राम टेमरी के निवासियों ने राजधानी रायपुर स्थित राजभवन (लोकभवन) का भ्रमण किया। इस शैक्षणिक और सांस्कृतिक दौरे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली और इसकी ऐतिहासिक भव्यता से परिचित कराना था। राज्यपाल के निमंत्रण पर पहुँचे इन ग्रामीणों का राजभवन सचिवालय के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को राजभवन के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों जैसे—दरबार हॉल, ऐतिहासिक बैठक कक्ष और सुसज्जित उद्यानों का अवलोकन कराया गया। अधिकारियों ने उन्हें राजभवन के इतिहास और वहां आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व राजकीय कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टेमरी के ग्रामीणों ने पहली बार इतने करीब से राजभवन की गरिमा को देखा और समझा। कई ग्रामीणों के लिए यह एक स्वप्निल अनुभव था कि वे उस परिसर का भ्रमण कर रहे हैं, जहाँ से राज्य के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।
राज्यपाल ने इस अवसर पर संदेश दिया कि गोद ग्राम के निवासियों का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीणों का इस तरह का एक्सपोजर (Exposure) उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। ग्रामीणों ने भ्रमण के दौरान राजभवन की स्वच्छता और वहां की शांतिपूर्ण व्यवस्था की काफी प्रशंसा की। भ्रमण के पश्चात ग्रामीणों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।
टेमरी के सरपंच और ग्रामीणों ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के दौरों से उन्हें शासन और प्रशासन के कार्यों को समझने का नया नजरिया मिलता है। ग्रामीणों ने लौटते समय राजभवन की यादों को अपने कैमरों और मन में संजोया। यह दौरा न केवल एक सैर-सपाटा था, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक गरिमा से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बना।








