अंबिकापुर: "योग हमारी प्राचीन ऋषि-परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो तन और मन दोनों को निरोगी रखता है। स्वस्थ और ऊर्जावान समाज के निर्माण के लिए यह बेहद जरूरी है कि हम योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।" यह बात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के अवसर पर सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में कही।
अंबिकापुर के ऐतिहासिक पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कॉलेज ग्राउंड में आयोजित इस वृहद गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों, युवाओं, स्कूली बच्चों और अधिकारियों के साथ स्वयं चटाई (मैट) पर बैठकर विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का सामूहिक अभ्यास किया।
???? स्वास्थ्य मंत्री और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति, उमड़ा जनसैलाब
अंबिकापुर का पीजी कॉलेज मैदान आज सुबह से ही योगमय नजर आया। कार्यक्रम में सुरक्षा, अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला:
विशिष्ट उपस्थिति: इस सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्थानीय विधायक, सरगुजा संभाग के विभिन्न जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और योग विशेषज्ञ विशेष रूप से मंच पर और अग्रिम पंक्तियों में शामिल रहे।
हजारों की भागीदारी: सरगुजा अंचल के कोने-कोने से आए हजारों आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कर 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' का संदेश दिया।
स्वस्थ जीवन-शैली और नियमित अभ्यास का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आधुनिक जीवन-शैली में बढ़ रहे मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियों का जिक्र करते हुए योग की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला
मुख्यमंत्री का आह्वान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि छत्तीसगढ़ को समृद्ध बनाने के साथ-साथ नागरिकों का स्वस्थ होना पहली शर्त है। यदि हमारा शरीर और मन स्वस्थ रहेगा, तभी हम राज्य के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकेंगे।







