बलरामपुर/छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां प्रशासनिक लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। जिले के शारदापुर गांव स्थित माध्यमिक शाला (मिडिल स्कूल) खुटहन पारा में निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन का छज्जा और दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे की चपेट में आने से स्कूल के कक्षा छठी के एक छात्र, आलोक, की मलबे में दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर के ठीक बगल में ही आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुवार दोपहर जब बच्चे स्कूल के पास खेल रहे थे, तभी निर्माणाधीन ढांचे का एक हिस्सा अचानक ढह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके कारण बिना किसी बाहरी दबाव के ही छज्जा गिर पड़ा। मृतक छात्र के परिजनों ने ठेकेदार और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की पूरी तरह अनदेखी की गई थी और निर्माणाधीन ढांचे के चारों ओर कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, जिससे स्कूली बच्चे आसानी से वहां तक पहुंच गए।
इस घटना ने छत्तीसगढ़ में सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि मृतक छात्र के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और उन सभी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस 'घटिया निर्माण' को अपनी आंखों के सामने होने दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क जाम कर प्रदर्शन करेंगे।
फिलहाल, पुलिस ने छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। प्रशासन ने पूरे निर्माणाधीन ढांचे को असुरक्षित घोषित कर दिया है और इसे पूरी तरह से ढहाने पर विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और विभागीय जांच रिपोर्ट तलब की है।








