रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साप्ताहिक 'जनदर्शन' कार्यक्रम ने एक बार फिर सुशासन की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से हजारों लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए '1950 के रिकॉर्ड' की अनिवार्यता का रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों के सरलीकरण का लाभ जनता को मिलना चाहिए और अधिकारियों को इन आवेदनों पर बिना किसी अनावश्यक विलंब के संवेदनशील होकर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
जनदर्शन में पहुंचे कई नागरिकों ने शिकायत की कि चॉइस सेंटरों और तहसील कार्यालयों में 1950 के पुराने रिकॉर्ड की मांग की जा रही है, जिसके अभाव में उनके आवेदन निरस्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्ष 2013 में किए गए सरलीकरण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के प्रस्ताव या अन्य वैकल्पिक साक्ष्यों को आधार मानकर पात्र व्यक्तियों के प्रमाण पत्र जारी किए जाएं ताकि छात्रों और युवाओं को शैक्षणिक व रोजगार संबंधी कार्यों में परेशानी न हो।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल आवेदन ही नहीं लिए, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही राहत पहुंचाई। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि के चेक सौंपे गए। साथ ही, दिव्यांगजनों को उनकी गतिशीलता बढ़ाने के लिए बैटरी चलित ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि समस्याओं का अंतिम समाधान (Direct Redressal) सुनिश्चित करना है।
राजस्व और शिक्षा विभाग से जुड़े लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित जिला कलेक्टरों को फोन पर निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनदर्शन पोर्टल पर दर्ज होने वाले हर आवेदन की वे खुद निगरानी करेंगे। प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
जनदर्शन के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा जुड़ाव देखने को मिल रहा है। '1950 के रिकॉर्ड' वाले जटिल मामलों में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है जो वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए भटक रहे थे। मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार 'अंत्योदय' के संकल्प के साथ हर व्यक्ति की समस्या सुनने और सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।








