रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक कपड़ा व्यापारी के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रायपुर के प्रमुख कपड़ा मार्केट पंडरी के एक थोक व्यापारी को दूसरे शहर के व्यापारियों ने अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने पहले विश्वास जीतने के लिए कुछ छोटे सौदे किए और फिर लाखों रुपये का माल उधार लेकर भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यापारी का पंडरी कपड़ा मार्केट में थोक का बड़ा कारोबार है। कुछ समय पहले बाहरी शहर के कुछ व्यापारियों ने उनसे संपर्क किया और बड़े ऑर्डर दिए। शुरुआती दौर में लेनदेन सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही विश्वास कायम हुआ, आरोपियों ने एक साथ लाखों रुपये के कपड़ों का ऑर्डर दिया। माल की डिलीवरी होने के बाद जब भुगतान का समय आया, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और अंततः उनके फोन नंबर बंद आने लगे।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है जो अलग-अलग शहरों के व्यापारियों को इसी तरह शिकार बनाता है। व्यापारी ने बताया कि आरोपियों ने जाली दस्तावेजों और फर्जी फर्म के नाम पर उनसे माल लिया था। जब पीड़ित व्यापारी आरोपियों के दिए पते पर पहुंचा, तो वहां ऐसी कोई दुकान या फर्म मौजूद नहीं थी। धोखाधड़ी की कुल राशि लाखों में बताई जा रही है, जिससे व्यापारिक हलकों में चिंता का माहौल है।
रायपुर पुलिस ने इस मामले में 'अज्ञात' और संबंधित फर्म के संचालकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की एक टीम आरोपियों के बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश में जुट गई है। साथ ही, पंडरी कपड़ा मार्केट एसोसिएशन ने भी अपने सदस्यों को ऐसे अनजान और बाहरी व्यापारियों के साथ उधार लेनदेन करने से पहले पूरी सावधानी बरतने और दस्तावेजों की जांच करने की सलाह दी है।
यह घटना रायपुर के व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि हाल के दिनों में व्यापारिक लेनदेन में धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, पीड़ित व्यापारी ने प्रशासन से अपनी डूबी हुई रकम वापस दिलाने और दोषियों को सख्त सजा देने की गुहार लगाई है।








