छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तक बैठकों का दौर चलता रहा। सीएम ने एक के बाद एक कई विभागों के आला अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने लंबित योजनाओं की प्रगति और राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से सीधा जवाब-तलब किया है।
कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर सीधा फोकस
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गृह विभाग और राजस्व विभाग के कामकाज पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जनता के काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात तक चली इस बैठक में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की रणनीति, आगामी बजट की तैयारियों और केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी मंथन हुआ। सीएम साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित करें।
अफसरों को दी डेडलाइन, बड़ी सर्जरी के संकेत
मुख्यमंत्री की इन देर रात वाली बैठकों ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। बैठकों के दौरान सीएम ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए सख्त 'डेडलाइन' तय की है। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री कुछ विभागों के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं और जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर कोई बड़ी 'सर्जरी' यानी फेरबदल देखने को मिल सकता है। साय ने साफ किया कि 'गुड गवर्नेंस' उनकी प्राथमिकता है और इसमें कोताही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई तय है।
बजट सत्र से पहले सीएम की घेराबंदी
आगामी विधानसभा सत्र और बजट की तैयारियों को देखते हुए इन बैठकों को काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री खुद हर छोटी-बड़ी योजना की निगरानी कर रहे हैं ताकि विपक्ष के सवालों का मजबूती से जवाब दिया जा सके और राज्य के विकास को नई गति मिल सके। देर रात तक मुख्यमंत्री की इस सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि प्रदेश की नई सरकार अब परिणामों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।








