रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में 'टाइम ऑफ डे' (TOD) टैरिफ सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बिजली की दरें पूरे दिन एक समान नहीं रहेंगी, बल्कि समय के अनुसार घटती-बढ़ती रहेंगी। यह सिस्टम मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जिनके घरों या संस्थानों में स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। शासन का लक्ष्य इसके जरिए पीक ऑवर्स में बिजली की खपत को नियंत्रित करना और ऑफ-पीक ऑवर्स में उपभोक्ताओं को वित्तीय लाभ देना है।
TOD सिस्टम का सीधा गणित यह है कि दिन के अलग-अलग समय को 'पीक', 'ऑफ-पीक' और 'नॉर्मल' घंटों में बांटा गया है। उदाहरण के तौर पर, रात के समय जब बिजली की मांग कम होती है, तब दरें सस्ती होंगी, जबकि शाम के समय जब मांग चरम पर होती है, तब बिजली महंगी हो सकती है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि उनका मीटर रीयल-टाइम में खपत को रिकॉर्ड करेगा, जिससे वे भारी बिजली खपत वाले उपकरण (जैसे एसी, गीजर या वॉशिंग मशीन) सस्ते समय वाले स्लॉट में चलाकर अपने मासिक बिल में भारी कटौती कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम से न केवल जनता की जेब को राहत मिलेगी, बल्कि पावर ग्रिड पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। वर्तमान में यह व्यवस्था बड़े व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य की जा रही है, जिसे धीरे-धीरे घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं तक विस्तारित किया जा रहा है। यदि आप भी अपने बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं, तो अब आपको अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव कर 'सस्ते घंटों' का चुनाव करना होगा।








