रायपुर (छत्तीसगढ़): रायपुर नगर पालिक निगम ने वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बकाया राजस्व वसूली के लिए अपना कड़ा रुख अपना लिया है। कमिश्नर श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार, जोन-8 की कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में रविवार को एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत वार्ड 1, 2, 19 और 21 के उन 14 बड़े बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया गया, जिन्होंने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पिछले कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं किया था। नगर निगम की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' से बड़े करदाताओं और डिफाल्टरों में हड़कंप मच गया है।
सीलबंदी की इस कार्रवाई का असर इतना जबरदस्त रहा कि मौके पर ही 9 बड़े बकायादारों ने अपनी पूरी राशि का भुगतान कर दिया। वहीं, कुछ अन्य व्यापारियों ने पार्ट पेमेंट जमा किया और शेष राशि 31 मार्च 2026 तक जमा करने का लिखित आश्वासन दिया। जोरा और वीर सावरकर नगर जैसे क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई में कुल 28 बड़े बकायेदारों को रडार पर लिया गया था। नगर निगम की टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा (31 मार्च) के भीतर करों का भुगतान नहीं किया गया, तो कुर्की और स्थायी सीलबंदी जैसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई के दौरान वार्ड-1 के प्रीतम सिंह (5.29 लाख बकाया) और वार्ड-2 के संतोषी देवी (8.36 लाख बकाया) जैसे बड़े डिफाल्टरों के संस्थानों पर ताला लटकाया गया। दूसरी ओर, गगन रेजेंसी (6.06 लाख) और दिलीप दामले (32 हजार) जैसे करदाताओं ने मौके पर ही भुगतान कर अपना परिसर सील होने से बचा लिया। सहायक राजस्व अधिकारी श्री महादेव रक्सेल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें वार्ड स्तर पर सक्रिय हैं और आने वाले तीन दिनों में वसूली अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि वित्तीय लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।








