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Special Article: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' के साथ स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

Chhattisgarh RRT News Desk 20 June 2026

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रायपुर: भारत की ऋषि-परंपरा और प्राचीन ज्ञान की अमूल्य धरोहर 'योग' आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, शांति और कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद से यह लोक-उत्सव अब एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर द्वारा लिखित यह विशेष लेख रेखांकित करता है कि किस प्रकार योग नए भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मुख्य आधार स्तंभ बन रहा है।

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इस वर्ष की थीम: योग फॉर हेल्दी एजिंग

वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बेहद अनूठी और प्रासंगिक थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) के साथ मनाया जा रहा है। यह थीम आधुनिक समाज को यह संदेश देती है कि उम्र के हर पड़ाव, विशेषकर बुढ़ापे में भी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सक्रिय व निरोग कैसे रहा जाए। वर्तमान दौर की तनावपूर्ण और अनियमित जीवनशैली के बीच योग एक अत्यंत सरल, सुलभ और बिना किसी खर्च के किया जाने वाला अचूक समाधान है, जो मानव शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

कोलकाता में प्रधानमंत्री और अंबिकापुर में मुख्यमंत्री करेंगे नेतृत्व

इस वर्ष योग दिवस के आयोजनों को लेकर देश और छत्तीसगढ़ राज्य में तैयारियां ऐतिहासिक स्तर पर की गई हैं:

राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन: देश का मुख्य राष्ट्रीय समारोह पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं देश और दुनिया के करोड़ों लोगों के साथ योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।

राज्य स्तर का मुख्य आयोजन: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री साय स्वयं इस गरिमामयी समारोह में शामिल होकर प्रदेशवासियों को नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश देंगे।

छत्तीसगढ़ में जन-जन तक पहुंच रहा योग का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट मानना है कि एक स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामाजिक संगठनों के साझा समन्वय से सुदूर वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक व्यापक योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली वैसे भी योग के मूल सिद्धांतों को दर्शाती है, जिसे अब आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों के साथ स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यह पावन अवसर हम सभी को यह दृढ़ संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है कि हम योग को केवल एक दिन के उत्सव (21 जून) तक सीमित न रखकर, इसे अपने दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनाएं। आइए, इस योग दिवस पर हम सब मिलकर एक निरोग समाज, स्वस्थ छत्तीसगढ़ और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी दर्ज कराएं।

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