कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के चर्चित ओटीटी शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। भारत की सबसे पुरानी कॉपीराइट लाइसेंसिंग संस्था, Phonographic Performance Limited (PPL) ने शो के मेकर्स पर गानों के अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। PPL का दावा है कि शो के तीसरे सीजन में कई सुपरहिट बॉलीवुड गानों को बिना अनुमति और बिना लाइसेंस फीस चुकाए प्रसारित किया गया, जो कॉपीराइट कानून का सीधा उल्लंघन है।
इस कानूनी विवाद के केंद्र में तीन बड़े गाने हैं, जिनका इस्तेमाल जून से सितंबर 2025 के बीच प्रसारित एपिसोड्स में किया गया था। इनमें 'मुन्ना भाई MBBS' का गाना 'एम बोले तो', फिल्म 'कांटे' का 'रामा रे' और 'देसी बॉयज' का 'सुबह होने ना दे' शामिल हैं। PPL का कहना है कि ये गाने न केवल लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान स्टूडियो दर्शकों के सामने बजाए गए, बल्कि इन्हें बिना किसी अधिकार के वैश्विक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी दिखाया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस शर्मिला देशमुख की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कपिल शर्मा, उनकी प्रोडक्शन कंपनी K9 फिल्म्स, को-प्रोड्यूसर बीइंगयू (BeingU) स्टूडियोज और नेटफ्लिक्स इंडिया को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी प्रतिवादियों को इन आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। PPL ने अपनी याचिका में मांग की है कि इन गानों के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए और उल्लंघन से हुई कमाई का खुलासा किया जाए।
PPL ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने इस मामले में नवंबर की शुरुआत में मेकर्स को 'सीज एंड डेसिस्ट' (काम रोकने) का नोटिस भेजा था, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और गानों का इस्तेमाल जारी रहा। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि कोर्ट एक 'रिसीवर' नियुक्त करे जो उल्लंघनकारी सामग्री और डिवाइस को जब्त कर सके। संस्था का तर्क है कि इस तरह के बड़े प्रोडक्शन हाउस द्वारा लाइसेंस नियमों की अनदेखी करना संगीत उद्योग और लेखकों के अधिकारों के लिए एक बुरा उदाहरण है।
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब शो के चौथे सीजन की शूटिंग की तैयारियां चल रही हैं। यदि हाईकोर्ट कड़ा रुख अपनाता है, तो शो के पुराने एपिसोड्स को प्लेटफॉर्म से हटाना पड़ सकता है या मेकर्स को भारी जुर्माना और रॉयल्टी चुकानी पड़ सकती है। फिलहाल, कपिल शर्मा या नेटफ्लिक्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दो सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले की दिशा तय होगी।








