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कवर्धा: कुई गांव में 8 लंगूरों की रहस्यमयी मौत, 'कदम' का पेड़ बना बेजुबानों की कब्रगाह

CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के कुकदूर कुई गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक साथ 8 लंगूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में जिस कदम के विशाल पेड़ पर ये लंगूर वर्षों से अपना बसेरा बनाए हुए थे, आज वही स्थान उनके लिए कब्रगाह बन गया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बेजुबानों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और शवों को अपने कब्जे में लिया। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि लंगूरों के शरीर पर किसी हिंसक हमले के निशान नहीं हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर इन्हें जहरीला पदार्थ खिलाया है, जिससे यह 'बेजुबानों का कत्लेआम' प्रतीत होता है। स्थानीय लोग इस क्रूरता के पीछे छिपे दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
वन विभाग ने सभी 8 लंगूरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत जहर देने से हुई है या किसी अज्ञात बीमारी के फैलने से। फिलहाल, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है ताकि इस रहस्यमयी मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण और इंसानी बस्तियों के बीच बढ़ते संघर्ष पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कवर्धा का वनांचल क्षेत्र अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन इस तरह की सामूहिक मौतों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि इन मासूम लंगूरों को न्याय मिल सके।







