RRT News छत्तीसगढ़ की मेजबानी में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन हो गया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कर्नाटक ने अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। कर्नाटक के एथलीटों ने विभिन्न खेल विधाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 23 स्वर्ण पदक जीते, जो उन्हें पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर ले गया। जनजातीय संस्कृति और खेल कौशल के इस संगम ने देशभर के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी यह आयोजन बेहद सफल रहा। अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए छत्तीसगढ़ के जनजातीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया और कुल 19 पदक अपने खाते में डाले। छत्तीसगढ़ को तीरंदाजी, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे पारंपरिक और आधुनिक खेलों में सफलता मिली। हालांकि स्वर्ण पदकों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ कर्नाटक से पीछे रहा, लेकिन कुल पदक तालिका में प्रदेश का प्रदर्शन पिछले आयोजनों की तुलना में काफी बेहतर दर्ज किया गया है।
प्रतियोगिता के दौरान ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश की टीमों ने भी कड़ी टक्कर दी। विशेष रूप से तीरंदाजी और हॉकी में इन राज्यों के जनजातीय खिलाड़ियों का कौशल देखने लायक था। भारत सरकार के खेल मंत्रालय और राज्य खेल विभाग के समन्वय से आयोजित इस इवेंट का मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर वनांचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना था। समापन समारोह में विजेताओं को ट्राफी और नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से पारंपरिक खेलों जैसे 'गेड़ी दौड़' और 'मलखंब' को भी नई पहचान मिल रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने राज्य के खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में और भी बेहतर सुविधाओं का वादा किया है। इस आयोजन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो जनजातीय युवा वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखते हैं।








