उत्तर प्रदेश के [शहर का नाम] में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मेधावी छात्रा ने मामूली सी बात पर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी वार्षिक परीक्षा देकर घर लौटी थी, जिसके बाद किसी घरेलू बात को लेकर उसकी मां ने उसे थोड़ा डांट दिया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि मां की यह मामूली डांट छात्रा के मन पर इतना गहरा असर करेगी कि वह आत्मघाती कदम उठा लेगी।
घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य अपने कामों में व्यस्त थे। डांट सुनने के बाद छात्रा चुपचाप अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता हुई। खिड़की से झांककर देखने पर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई; छात्रा का शव पंखे से लटका हुआ था।
शोर मचाने पर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और दरवाजा तोड़कर छात्रा को नीचे उतारा गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आवेश में आकर उठाया गया कदम मान रही है, हालांकि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के तनाव के बीच छोटी सी डांट भी बच्चों को मानसिक रूप से अस्थिर कर सकती है। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।








