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Mahadev App Scam: फिर सक्रिय हुआ 'महादेव ऐप'! स्पेलिंग बदलकर शुरू हुआ सट्टेबाजी का काला खेल; IPL और राजनीति पर लग रहे करोड़ों के दांव

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे देश में चर्चित रहे 'महादेव सट्टा ऐप' के सिंडिकेट ने एक बार फिर सिर उठाना शुरू कर दिया है। पुलिस और जांच एजेंसियों की सख्ती के बावजूद, सट्टेबाजों ने ऐप के नाम और उसकी स्पेलिंग में मामूली हेरफेर कर इसे नए सिरे से बाजार में उतार दिया है। इस चालाकी का मकसद कानूनी कार्रवाई और डिजिटल बैन से बचना है। नए नाम वाले ये ऐप अब गुपचुप तरीके से व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम के जरिए ऑपरेट किए जा रहे हैं।

IPL से लेकर राजनीति तक, हर चीज पर सट्टा
वर्तमान में जारी IPL (Indian Premier League) सीजन के दौरान यह सट्टेबाजी अपने चरम पर है। हर बॉल, हर रन और हर विकेट पर करोड़ों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, यह सट्टा अब केवल खेल तक सीमित नहीं रहा है। सट्टेबाजों ने आगामी राजनीतिक संभावनाओं और चुनावी परिणामों पर भी दांव लगवाना शुरू कर दिया है। कौन सी पार्टी जीतेगी या किसे कितनी सीटें मिलेंगी, इन जैसे सवालों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार गर्म है।
रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की पैनी नजर
राजधानी रायपुर में पुलिस ने इस नए ट्रेंड को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हाल ही में साइबर सेल और पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर इस गिरोह के कुछ गुर्गों को दबोचा है। जांच में पता चला है कि सट्टेबाज अब नए डोमेन और 'क्लोन ऐप' का सहारा ले रहे हैं ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इन तकनीकी बदलावों पर नजर रख रहे हैं और जल्द ही इस नए नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता के लिए चेतावनी
प्रशासन ने आम जनता और युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे प्रलोभन देने वाले ऐप्स से दूर रहें। ये सट्टा ऐप न केवल अवैध हैं, बल्कि इनके जरिए लोगों की मेहनत की कमाई और निजी डेटा चोरी होने का भी बड़ा खतरा है। महादेव ऐप से जुड़े पुराने मामलों की जांच पहले से ही ईडी (ED) और पुलिस कर रही है, ऐसे में नए नामों से चल रहे इन ऐप्स के जाल में फंसना भारी कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।







