छत्तीसगढ़ के भिलाई से साइबर अपराध का एक बेहद हैरान करने वाला और बड़ा मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने एक प्रतिष्ठित बिजनेस ग्रुप को अपना शिकार बनाया है। भिलाई के जाने-माने ऑटोमोबाइल कारोबारी समूह 'साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड' के साथ 20 लाख रुपये की हाईटेक ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। साइबर अपराधियों ने इस पूरी घटना को इतनी चालाकी से अंजाम दिया कि कंपनी का अनुभवी अकाउंटेंट भी उनके बिछाए जाल को भांप नहीं सका और कंपनी के खाते से एक मोटी रकम अपराधियों के हवाले कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले कंपनी के डायरेक्टर के पिता की तस्वीर (फोटो) कहीं से हासिल की और उसे एक अज्ञात मोबाइल नंबर के वॉट्सएप प्रोफाइल पिक्चर (DP) पर लगा दिया। इसके बाद शातिर ठगों ने खुद को डायरेक्टर का हितैषी या सीनियर बताते हुए कंपनी के अकाउंटेंट को वॉट्सएप पर फर्जी मैसेज भेजे। मैसेज में बेहद जरूरी और आकस्मिक काम का हवाला देते हुए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। अकाउंटेंट ने डीपी पर दिख रही फोटो को सच मान लिया और बिना किसी क्रॉस-वेरिफिकेशन के झांसे में आकर बताए गए बैंक खातों में कुल 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद जब अकाउंटेंट ने इस संबंध में कंपनी के डायरेक्टर और उच्च अधिकारियों से सीधे बात की, तब जाकर इस पूरी बड़ी धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ। डायरेक्टर के पिता द्वारा ऐसा कोई भी मैसेज न भेजे जाने की बात सामने आते ही कंपनी प्रबंधन के होश उड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी लिखित शिकायत भिलाई पुलिस और साइबर सेल में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और ठगे गए बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।







