Breaking
- Sports News: Asian Games 2026 के पदकवीरों से PM मोदी ने की मुलाकात, महिला खिल...
- Raipur News: हल्दी बीज वितरण में अनियमितता, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दिए...
- बाढ़ से बर्बाद किसान सड़क पर उतरे, कलेक्ट्रेट का घेराव कर दी ट्रैक्टरों से जग...
- VB-G RAM G के तकनीकी सहायकों की राज्य स्तरीय हड़ताल, नियमितीकरण की मांग को ले...
- Raigarh News: किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकत...
- Dantewada News: नक्सलवाद से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण...
- Narayanpur News: वनांचल में उम्मीदों का जल, नारायणपुर के दूरस्थ गांव बागझर मे...
- Raipur News: गन्ना मूल्य में छत्तीसगढ़ देश में नंबर वन, किसानों को अब 425 रुपय...
- रायपुर में बसों के रूटवार स्टॉप तय, मनमाने ठहराव पर लगेगी रोक; भाठागांव से सं...
- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे शामिल, माओवाद ह...
विदेश में टेस्ट सीरीज जिताने वाले पहले भारतीय कप्तान थे मंसूर अली खान पटौदी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी मजबूत कप्तानी और आत्मविश्वास की बात होती है, तो मंसूर अली खान पटौदी का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। ‘टाइगर पटौदी’ के नाम से मशहूर मंसूर अली खान वह पहले भारतीय कप्तान थे, जिनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने का ऐतिहासिक कारनामा किया।

नई सोच के साथ बदली भारतीय टीम की छवि
1960 के दशक में जब भारतीय क्रिकेट विदेशी मैदानों पर संघर्ष करता नजर आता था, उस दौर में पटौदी ने टीम को आक्रामक सोच और आत्मविश्वास दिया। उनकी कप्तानी में खिलाड़ियों को सिर्फ मैच खेलने नहीं, बल्कि मैच जीतने की मानसिकता मिली।
न्यूजीलैंड में रचा गया इतिहास
1967-68 में न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम ने पटौदी की कप्तानी में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत की पहली विदेशी टेस्ट सीरीज जीत थी, जिसने भारतीय क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
एक आंख से खेलकर भी बने मिसाल
पटौदी का क्रिकेट करियर साहस और जज्बे की मिसाल है। एक गंभीर सड़क दुर्घटना में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई, इसके बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की और भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलीं। उनका यह जज्बा आज भी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
कप्तान के रूप में मजबूत रिकॉर्ड
मंसूर अली खान पटौदी ने भारत के लिए 40 टेस्ट मैचों में कप्तानी की। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि विदेशी पिचों पर प्रतिस्पर्धा करना भी सीखा।
क्रिकेट से परे पहचान
पटौदी शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे और मैदान के बाहर भी उनका व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली था। वे शानदार फील्डर, अनुशासित कप्तान और दूरदर्शी लीडर के रूप में हमेशा याद किए जाते रहेंगे
भारतीय क्रिकेट के सच्चे वास्तुकार
मंसूर अली खान पटौदी ने उस दौर में भारतीय क्रिकेट की नींव मजबूत की, जब संसाधन सीमित थे। उनकी कप्तानी ने आने वाली पीढ़ियों के लिए जीत की राह आसान की।







