RRT News- रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में 'राष्ट्रीय आम महोत्सव' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आम केवल एक स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, कृषि विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक बेहद मजबूत और महत्वपूर्ण आधार भी है।
राज्यपाल डेका ने देश-विदेश में आम की बढ़ती मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ के किसानों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमारे किसानों को पारंपरिक खेती के ढर्रे से बाहर निकलना होगा। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर आम के विभिन्न उत्पादों को बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रूप से विकसित करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी आम की विभिन्न प्रजातियों के लिए अनुकूल है, जिससे राज्य में 'मैंगो टूरिज्म' (आम पर्यटन) को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
अपने संबोधन में वैश्विक पटल पर भारत की साख का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि भारत पूरी दुनिया में आम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी देश है, जहां इसकी 1,000 से अधिक अनूठी किस्में पाई जाती हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की अनूठी विशेषताओं और उनके स्वाद की सराहना की। राज्यपाल ने स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के संवर्धन और उत्पादन पर बल दिया, ताकि यहां के प्रगतिशील किसान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकें।







