RRT News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नागरिकों के लिए आज का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कचना रेलवे ओवरब्रिज का विधिवत लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित कर दिया है। इसके साथ ही, 22.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का भी उद्घाटन किया गया। लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कचना रेलवे फाटक पर लंबे समय से लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम के कारण स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े ओवरब्रिज के शुरू होने से यातायात पूरी तरह सुगम, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगा।
केंद्र के सहयोग से बुनियादी ढांचे का विकास, सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज परियोजना को केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। उन्होंने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार 'सुशासन तिहार' के माध्यम से जनता के बीच जाकर सीधे योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रही है और समाधान शिविरों के जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के विजन डॉक्यूमेंट का जिक्र करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
25 से अधिक कॉलोनियों के लिए जीवनरेखा बनेगा यह नया ओवरब्रिज
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में लगभग 25 बड़ी रिहायशी कॉलोनियां स्थित हैं और यह रेलवे ओवरब्रिज इन सभी कॉलोनियों को मुख्य रायपुर शहर से जोड़ने में एक प्रभावी जीवनरेखा साबित होगा। इस ब्रिज के बनने से न केवल स्थानीय रहवासियों बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को भी एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पार्षद पुष्पा साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित कई जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी मौजूद रहे।







