RRT News- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ कठौतिया ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित लघु वनोपज गोदाम परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते इसकी गगनचुंबी लपटों और धुएं के गुबार ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। इस अप्रत्याशित अग्निकांड के कारण आसपास के पूरे ग्रामीण इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। आग की विभीषिका को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने फौरन इसकी सूचना वन विभाग और प्रशासनिक अमले को दी।
लाखों का तेंदूपत्ता जलकर खाक, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बुझा रहे आग
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने गोदाम परिसर में खुले और शेड के नीचे रखे तेंदूपत्ता से भरे बोरों को तेजी से अपनी चपेट में ले लिया। इसके चलते शासन द्वारा संग्रहित किया गया लाखों रुपये मूल्य का हरा सोना (तेंदूपत्ता) जलकर खाक हो गया है। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डाली और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीण अपने घरों से डिब्बों, बर्तनों और बाल्टियों में पानी भरकर लगातार आग बुझाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं, ताकि नुकसान को और बढ़ने से रोका जा सके।
वन विभाग की घोर लापरवाही उजागर, आग का कारण अज्ञात
इस भीषण अग्निकांड ने वन विभाग और गोदाम प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था व घोर लापरवाही को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े और संवेदनशील वनोपज भंडारण केंद्र में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम (फायर फाइटिंग सिस्टम) मौजूद नहीं थे। फिलहाल, आग लगने का वास्तविक और सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी या शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा। स्थानीय स्तर पर आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं और विभाग नुकसान के आकलन में जुट गया है।







