रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश भर के सीबीएसई (CBSE) और केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। अब कक्षा तीसरी से ही छात्र 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग' की पढ़ाई करेंगे। केंद्र सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर से ही भविष्य की तकनीक और लॉजिकल रीजनिंग के लिए तैयार करना है। रायपुर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों ने इस बदलाव को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
इस नए पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के तहत, संबंधित विषयों के शिक्षकों को 50 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को डिजिटल टूल्स, कोडिंग के बेसिक और एआई को सरल तरीके से पढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे। रायपुर के शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेनिंग से शिक्षकों की दक्षता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ छात्रों को उनके कौशल विकास में मिलेगा।
शिक्षा सत्र 2026 से इस पहल को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पाठ्यक्रम छात्रों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि 'प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स' विकसित करने पर केंद्रित होगा। राजधानी के स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब्स को अब एआई मॉड्यूल के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी उम्र में तकनीक की समझ विकसित होने से छत्तीसगढ़ के छात्र भी अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।







