रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजधानी रायपुर को और अधिक स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के प्रतिष्ठित जगन्नाथ राव दानी शासकीय कन्या विद्यालय में नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM नियम 2026) को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भविष्य की पीढ़ी यानी विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन के आधुनिक और सख्त नियमों से अवगत कराना है, ताकि वे समाज में स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर बन सकें।
अब दो नहीं, चार डिब्बों की होगी जरूरत
कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन मुख्यालय के कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडू एवं उप अभियंता श्री कृष्णा राठी ने विद्यार्थियों को नए नियमों की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि आगामी SWM नियम 2026 के अंतर्गत अब कचरे को केवल गीला और सूखा में बांटना काफी नहीं होगा। अब नागरिकों को अनिवार्य रूप से कचरे को चार श्रेणियों में पृथक (Segregate) करना होगा:
गीला कचरा (Wet Waste)
सूखा कचरा (Dry Waste)
विशेष देखभाल अपशिष्ट (Hazardous/Domestic Waste)
सैनेटरी अपशिष्ट (Sanitary Waste)
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
स्कूली छात्राओं ने अब तक चली आ रही 'दो-डिब्बा प्रणाली' (नियम 2016) पर अपनी गहरी समझ का परिचय दिया और नए नियमों को अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक नागरिक जिम्मेदारी है। नगर निगम का मानना है कि यदि बच्चे इन नियमों को आत्मसात कर लेते हैं, तो वे अपने घरों और मोहल्लों में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस अभियान के माध्यम से नगर निगम रायपुर शहर के अन्य स्कूलों और संस्थानों तक पहुँचने की योजना बना रहा है, ताकि 2026 के नए नियमों के लागू होने से पहले पूरे शहर में जागरूकता का प्रसार हो सके।








