राजधानी रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा जनहितैषी निर्णय लेते हुए घोषणा की कि प्रतिदिन सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले नागरिकों से कोई भी वाहन पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। महापौर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सुबह की सैर पर आने वाले सैकड़ों लोगों को तत्काल प्रभाव से इस शुल्क से पूर्ण राहत दी जाए।
होटल-रेस्टोरेंट आने वालों पर लगेगा शुल्क
महापौर ने पार्किंग व्यवस्था को तर्कसंगत बताते हुए कहा कि जो लोग रेस्टोरेंट और होटलों में घंटों समय बिताते हैं और अपने वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े करते हैं, उनसे शुल्क लेना पूरी तरह जायज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन भर मरीन ड्राइव पर रहने वाले अव्यवस्थित यातायात को सुगम बनाने के लिए एक व्यवस्थित पार्किंग प्रणाली अनिवार्य है। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उठाया गया है।
मुनाफे के लिए नहीं, सुविधा के लिए व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान महापौर ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम यह व्यवस्था मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुव्यवस्थित यातायात के लिए बना रहा है। उन्होंने कहा कि छोटा सा नॉमिनल (नाममात्र) शुल्क शहर को व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निगम परिषद संवाद और सुझावों के आधार पर ही आगे का काम करेगी ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।
एमआईसी सदस्यों के साथ जमीनी समीक्षा
इस दौरान महापौर के साथ एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, दीपक जायसवाल, संतोष सीमा साहू, अमर गिदवानी और पार्षद प्रदीप वर्मा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। महापौर ने राजस्व उपायुक्त और जोन इंजीनियरों को निर्देश दिए कि पार्किंग स्थल पर तैनात कर्मचारी नागरिकों के साथ शालीनता से पेश आएं और मॉर्निंग वॉकर्स की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें नि:शुल्क पार्किंग की सुविधा दें।
यातायात की समस्या का होगा स्थायी समाधान
तेलीबांधा मरीन ड्राइव रायपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ दिन भर वाहनों का दबाव रहता है। महापौर ने विश्वास जताया कि मॉर्निंग वॉक के बाद लागू होने वाली पार्किंग व्यवस्था से सड़क पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। व्यवस्थित पार्किंग से आवागमन सुगम होगा और मरीन ड्राइव की सुंदरता भी बनी रहेगी। निगम परिषद का लक्ष्य जनसुविधा और शहर के सौंदर्यीकरण के बीच संतुलन बनाना है।







_m.webp)
