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रायपुर: एक ही गोत्र में विवाह करने पर हुआ सामाजिक बहिष्कार, महिला आयोग की पहल से दंपती को मिली राहत

Chhattisgarh 10 January 2026

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छत्तीसगढ़ के एक गांव में एक ही गोत्र में विवाह करने वाले दंपती को सामाजिक परंपराओं का हवाला देकर गांव से अलग-थलग कर दिया गया था। शादी के बाद से ही दंपती को समाजिक कार्यक्रमों, त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों से दूर रखा गया। गांव में उनके साथ बातचीत बंद कर दी गई और रोजमर्रा की जरूरतों तक में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।

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लंबे समय तक मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलने के बाद पीड़ित महिला ने राज्य महिला आयोग से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की और गांव के जिम्मेदार लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति को उसकी वैवाहिक पसंद के कारण समाज से बाहर करना कानूनन गलत है।

महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद गांव में पंचायत स्तर पर बैठक हुई, जिसमें दंपती के सामाजिक बहिष्कार को समाप्त करने पर सहमति बनी। साथ ही यह भी तय किया गया कि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें सामान्य सामाजिक जीवन जीने का पूरा अधिकार होगा।

इस फैसले के बाद दंपती ने राहत की सांस ली है। महिला आयोग ने कहा है कि यदि आगे किसी तरह की प्रताड़ना या दबाव की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला समाज में व्याप्त रूढ़ियों के खिलाफ एक अहम संदेश माना जा रहा है कि कानून और मानव अधिकार परंपराओं से ऊपर हैं।

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