राजधानी रायपुर के टिकरापारा/पुरानी बस्ती क्षेत्र (संबंधित थाना) से पिछले 15 दिनों से लापता एक छात्रा की खोजबीन का अंत बेहद हृदयविदारक रहा। गरियाबंद जिले के राजिम थाना अंतर्गत पेंड्रा-नवापारा मार्ग पर नहर किनारे छात्रा का सड़ा-गला शव बरामद किया गया है। छात्रा के लापता होने के बाद से ही परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे थे, जो अब सच साबित हुई है।
लाश की हालत देख कांप उठी रूह
नहर किनारे मिले शव की हालत अत्यंत खराब थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव कई दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे शिनाख्त करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने छात्रा के कपड़ों और पास में मिली अन्य वस्तुओं के आधार पर उसकी पहचान की। जैसे ही मौत की खबर रायपुर पहुंची, छात्रा के घर में मातम छा गया।
पुलिस के सामने कई अनसुलझे सवाल
राजिम और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर छात्रा रायपुर से राजिम कैसे पहुंची?
हत्या या आत्महत्या: क्या छात्रा ने खुदकुशी की है या उसे मारकर नहर किनारे फेंक दिया गया?
गुमशुदगी का रहस्य: 15 दिनों तक वह कहाँ थी और अंतिम बार उसकी बात किससे हुई थी?
कॉल डिटेल और लोकेशन: पुलिस छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन खंगाल रही है ताकि संदिग्धों तक पहुँचा जा सके।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, जांच की मांग
छात्रा के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआती जांच तेजी से की जाती, तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (जैसे गला घोंटना या डूबना) का पता चल पाएगा।








