छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 5 की स्वास्थ्य टीम ने जनशिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठाकुर प्यारेलाल सिंह वार्ड (वार्ड क्रमांक 39) में एक भवन स्वामी पर भारी जुर्माना लगाया है। भवन स्वामी सोनू सुन्दरियां द्वारा निर्माण सामग्री को सीधे नाली के ऊपर डंप कर दिया गया था, जिससे नाली पूरी तरह जाम हो गई और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा था।
इस लापरवाही के कारण आसपास के रहवासियों और राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के मार्गदर्शन में जब टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो शिकायत सही पाई गई। इसके बाद जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन स्वामी पर 10,000 रुपये का जुर्माना ठोंका और भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी।
इसी अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान 3 दुकानदार अपने परिसर के आसपास गंदगी फैलाते हुए पाए गए। स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर इन दुकानदारों से कुल 1200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षकों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना या ड्रेनेज सिस्टम को बाधित करना दंडनीय अपराध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरी कार्रवाई को जोन 5 के जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देशन में स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप साहू, श्री प्रेम मानिकपुरी और निगम मुख्यालय के स्वच्छता निरीक्षक श्री गिरिजेश तिवारी की टीम ने अंजाम दिया। नगर निगम ने मौके पर ही कुल 11,200 रुपये का अर्थदंड वसूल कर जनशिकायत का त्वरित निराकरण किया। प्रशासन की इस कार्रवाई से वार्ड के नागरिकों ने राहत की सांस ली है।
नगर निगम रायपुर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे निर्माण सामग्री को सड़कों या नालियों पर न रखें। साथ ही, दुकानदारों को अपने डस्टबिन का सही उपयोग करने और ड्रेनेज सिस्टम को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की हिदायत दी गई है। निगम ने साफ कर दिया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण के मद्देनजर शहर की सुंदरता और स्वच्छता बिगाड़ने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।








